Monday, 26 June 2023

मैंने डुबोकर देखी जवानी शराब में

मैंने डुबोकर देखी जवानी शराब में

रहता नहीं है हम सा सानी शराब में

आहिस्ता आहिस्ता बसर कहां होता है

तभी तो मिलाते हैं सब पानी शराब में

किरदार गंवा बैठे जब मयखाने में कहीं

तब रह गई पुरानी वो निशानी शराब में

पं.अश्वनी मिश्रा

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