Wednesday, 1 May 2024

मकां सब मांगते हैं अब मरम्मत बस मरम्मत

चाहते तो है हम सभी कि हो बरक्कत
तभी तो कर रहे हैं मस्क़्त बस मस्क़त 
इन जुबानों के चलते ज़रा बिखराव क्या आया 
मकां सब मांगते हैं अब मरम्मत फिर मरम्मत 
पं.अश्वनी मिश्रा