Kavi Ashwani Mishra
Monday, 23 August 2021
जीव जंतुओं का हिस्सा काट दो
ये ज़मीं बांट दो आसमां बांट दो
पं.अश्वनी मिश्रा
सुनो राम पर गाने वालों
यहां पैसा खूब कमाने वालों
कब तक मुंह में दही रहेगा
खुद को श्रेष्ठ बताने वालों
पं.अश्वनी मिश्रा
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