Wednesday, 23 December 2020
Monday, 14 September 2020
Sunday, 2 August 2020
Best Poem Forever
जिसको ना निज कुल गौरव का अभिमान था
क्यों मना रहे हो मातम जैसे व्यक्ति महान था
जब कायरतापूर्ण कृत्य कर गया कोई जग में
कैसे कह दूं वो मेरा हीरो ही पूरा हिंदुस्तान था
अब देश का बच्चा बच्चा क्रुद्ध हो
होता है यदि युद्ध तो फिर युद्ध हो
सामने चीन या पाक आए अब बस
करना पड़े कुछ भी बस घाटी शुद्ध हो
नेहरू की गुस्ताखियां भोग रहा है देश
फिर भी कुछ बहुरुपिए घूमें बदलें भेष
घूमें बदलें भेष करें वो यहां खूब तमाशा
रोवें धोंवें खूब वो देवें पब्लिक को झांसा
जनता भोली भाली ठगी ठगी सी रहती थी
होता वही रहा है जो भी मैडम कहती थी
भारत में ही रहते हैं कुछ देशी गद्दार
हरदम देते रहते वो तलवारों पर धार
देते रहते धार करेंगे वार देश के भीतर ही
सेना जो दुश्मन मारे इनके उड़ते तीतर ही
उड़ते तीतर इनके हरदम देख सेना का बल
खाते रहे यहां किंतु करते हैं अपनों से छल
ख्वाब कई इंतजार में हैं हमें नींद नहीं आती
चलो फिर रात के अंधेरे को गुलजार करते हैं
दिन बीतते हैं बड़ी मेहनत में रातें इंतजार में
खैर जिंदगी अपनी है इसे यूं नहीं बेजार करते हैं
सब कुछ चलाए मान है इस संसार में देखो
किसी को यूं नही पागलों जैसे कभी प्यार करते हैं
बड़ा भारी कष्ट है
यहीं पे सारे दुष्ट हैं
अच्छा नहींं बोलेंगे
बुद्धि इनकी भ्रष्ट है
ये जो चांदनी रात में हवा की सरसराहट
देखता हूं आसमां जब भी तुम्हारी ही आहट है
बहुत तुम दूर हो मुझसे मालुम मुझे यह है
मगर अभी तुम्हारी याद में दिल में घबराहट है
टूट करके भी आइना आइना ही रहता है
यह जमाना है जमाना कुछ भी कहता है
बड़ी सिद्दत से सर दर्द बढ़ाते है लोग यहां
पत्थर भी दरिया के लिए क्या क्या सहता है
Congress Par Kavita
जैसे बूढ़े की जवानी नहीं आ सकती
फिर कांग्रेस में रवानी नहीं आ सकती
सिंधिया के बाद पायलट भी गए देखो
इंदिरा सी कोई मर्दानी नहीं आ सकती
प्रियंका क्या दिलाएंगी गरीबों के हक सुनो
कहने पे जिसके बस पुरानी नहीं आ सकती
सोनिया का दौर भी माना दौर था तुम्हारा ही
मगर अब फिर वही कहानी नहीं आ सकती
लाख दो किसानों को लालच कर्ज माफी का तुम
एमपी राजस्थान में कांग्रेस जुबानी नहीं आ सकती
बहुत पापड़ बेलने पड़ेंगे तुम्हें अब सत्ता की खातिर
दिग्गी जैसों से अब तो कोई फलानी नहीं आ सकती
वो दौर और था कांग्रेस की दिवानगी का
लाख मिले नाक भवानी नहीं आ सकती
गली गली घूमते हैं राहुल जैसे बाजीराव
ऐसे सबके लिए मस्तानी नहीं आ सकती
Saturday, 1 August 2020
Best Shayari Forever
1-जहां कहीं हमको दिख जाती है गर्मी में थोड़ी छांव,
चलते-चलते रुक जाते हैं अपने अक्सर दोनों पांव।
पीपल, बरगद,हरियाली,पनघट सूना-सूना है,
आकर शहर भुला बैठे हम शायद अपना सुंदर गाँव।
2-अब यहां कोई देश पे बर्बाद नहीं होना चाहता
सच कहूं यहां कोई आबाद नहीं होना चाहता
कमाना चाहते हैं सब यहां लाखों करोड़ों पर
कोई यहां आज़ाद जैसे आजाद नहीं होना चाहता
3-सत्य को सत्य बोलो तो सर खण्डित होगा
है कलयुग अब पापी महिमा मण्डित होगा
नेताओं की रखैल होगी न्याय व्यवस्था अब
क्या धर्म देखकर ही अपराधी दण्डित होगा
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