Sunday, 17 August 2025

कुत्ता प्रेमी

ना अध्धा है ना पौव्वा है उनके पास 
ना एक आना है और ना एक पाई है 
जो पेलते है जी भर मुर्ग मुसल्लम 
उन असूरों का केवल डोगेशभाई है ।।
पं.अश्वनी मिश्रा 

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