Tuesday, 23 January 2024

शहर और गांव

हम उन शहरों के आदी हैं जहाँ गांव नष्ट होते हैं
जमीन से जुड़े हैं यूं तभी इन बातों से कष्ट होते हैं
संस्कृति होती हैं दिखावे में रोज तार तार जहाँ वहीं 
जाने कितने बड़े बड़े पंडित उजाले में पथ भ्रष्ट होते हैं
पं.अश्वनी मिश्रा

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